सोमवार, 27 अगस्त 2012

आपकी समझ में भ्रष्टाचार


बंधुओं आजकल भ्रष्टाचार की चर्चा जोरों पर है। मुझे लगता है कि किसी के भी पक्ष-विपक्ष में जाने के साथ भ्रष्टाचार की अवधारणा एवं उसके विभिन्न रूपों की भी समझ साफ कर लेनी चाहिये। यह क्या हुआ कि मेरा वाला ठीक, तेरा वाला गंदा। मैं गटक-गटक और तू कर थू-थू।
इसीलिये अवधारणा संबंधी एक खुली बहस में आप भी आमंत्रित हैं। 21 रोज के अंतराल पर मुख पृष्ठ के बाद सभी जानकारियां एवं टिप्पणियां  भ्रष्टाचार की चर्चा नामक स्वतंत्र पृष्ठ पर डाल दी जायेंगी।

मुख्य विचारणीय विंदु हैं -

1 भ्रष्टाचार की मूल अवधारणा
2 आपकी समझ में भ्रष्टाचार और क्यों
3 क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? नहीं तो क्यों?
4 भ्रष्टाचार की समझ पर कोई भी प्रश्न?
5 आपके विचार

6 टिप्‍पणियां:

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