गुरुवार, 24 अप्रैल 2014

अधिक खतरनाक कौन?


जीवन में कई बार ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय या धर्म के गुणों के साथ अवगुणों की भी तुलना करनी पड़ती है और उसी आधार पर जीवन के संबंध, निकटता, आवास आदि के मामले में निर्णय भी लेना पड़ता है। मैं आज आपके समक्ष एक ऐसा ही प्रस्ताव रख रहा हूं। मैं ने अपनी जांच की है और अपना विचार भी रख रहा हूं।
विकल्प क- 1अपने को नहीं बदलने का आदर्श और आग्रह रखने वाला, 2दूसरे से दूरी बना कर चलने वाला, 3धर्म-कर्म संबंधी आचार विचार को अपने घर परिवार तक की बात मानने वाला, 4दुविधाओं में फंसा, अनेक देवी-देवता मानने वाला, 5 ईश्वर, परलोक आदि के बारे में जानकार न हो कर धर्म संशय से डरा हुआ धर्म को मानने वाला।
विकल्प ख-1 दूसरे को बदलने का आदर्श और आग्रह रखने वाला, 2 दूसरे को प्रभावित करने में लगा हुआ, 3 धर्म का प्रचार करने वाला, 4 केवल एक ही ईश्वर को मानने वाला, 5 ईश्वर, परलोक आदि के बारे में नास्तिक हो कर भी धार्मिक नेतृत्व करने वाला।
मैं पहले को पसंद करता हूं। मेरी दृष्टि में पहले वाले कम खतरनाक हैं, उनसे तालमेल/संबंध की हिम्मत जुटाई जा सकती है। आप भी चाहें तो विचार कर सकते हैं।

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